समंदर में रेयर अर्थ मेटल की खोज में जापान ने निकाली बाजी, चीन के निर्यात प्रतिबंधों से ड्रैगन को लगा झटका!

जापान ने मिनामितोरी द्वीप के पास गहरे समुद्र में रेयर अर्थ मड की टेस्ट माइनिंग शुरू कर दी है, जो दुनिया की पहली ऐसी कोशिश है। 6,000 मीटर गहराई से 350 टन मड रोज निकालने का लक्ष्य है, जबकि चीन ने हाल ही में जापान पर ड्यूअल-यूज आइटम्स के निर्यात पर रोक लगाई है, जिससे रेयर अर्थ एलिमेंट्स की सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। यह कदम जापान की चीन निर्भरता कम करने की रणनीति का हिस्सा है, जहां समुद्र तल पर 16 मिलियन टन से ज्यादा रेयर अर्थ ऑक्साइड्स का अनुमान है।

समुद्र तल से रेयर अर्थ की ऐतिहासिक खोज और टेस्ट माइनिंग

जापान ने 11 जनवरी 2026 को रिसर्च वेसल चिक्यू को शिमिजु पोर्ट से रवाना किया, जो मिनामितोरी द्वीप (टोक्यो से 1,900 किमी दक्षिण-पूर्व) के पास गहरे समुद्र में रेयर अर्थ-रिच मड निकालने का टेस्ट कर रहा है। यह दुनिया की पहली कोशिश है जहां 6,000 मीटर (माउंट फूजी से ज्यादा गहराई) से लगातार मड को जहाज पर लाया जाएगा।

प्रोजेक्ट के प्रमुख शोइची इशी के अनुसार, टेस्ट का मुख्य उद्देश्य माइनिंग सिस्टम को जोड़ना और रोजाना 350 मीट्रिक टन मड उठाने की क्षमता जांचना है। पर्यावरण प्रभावों की निगरानी जहाज और समुद्र तल दोनों पर की जा रही है। यदि सफल रहा तो 2027 में फुल-स्केल डेमो ट्रायल होगा।

मिनामितोरी क्षेत्र में 16 मिलियन टन से ज्यादा रेयर अर्थ ऑक्साइड्स का अनुमान है, जिसमें डिस्प्रोसियम (730 साल की वैश्विक जरूरत), यट्रियम (780 साल), टेरबियम (420 साल) जैसे हेवी रेयर अर्थ एलिमेंट्स प्रमुख हैं। ये इलेक्ट्रिक व्हीकल मोटर्स, विंड टरबाइन, हार्ड डिस्क और मिसाइल सिस्टम में जरूरी हैं।

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जापान सरकार ने 2018 से इस प्रोजेक्ट पर 40 बिलियन येन (करीब 250 मिलियन डॉलर) खर्च किए हैं। मड को पहले मिनामितोरी पर पानी निकालकर वॉल्यूम 80% कम किया जाएगा, फिर मुख्य भूमि पर सेपरेशन और रिफाइनिंग होगी। 2027 तक प्रोसेसिंग फैसिलिटी बनाने की योजना है।

चीन के निर्यात प्रतिबंधों से बढ़ा तनाव

चीन, जो वैश्विक रेयर अर्थ प्रोडक्शन का 70% और रिफाइनिंग का 90% से ज्यादा नियंत्रित करता है, ने 6 जनवरी 2026 को जापान के लिए ड्यूअल-यूज आइटम्स (सिविलियन और मिलिट्री दोनों इस्तेमाल) के निर्यात पर रोक लगाई। यह प्रतिबंध जापानी प्रधानमंत्री सनाए तकाइची के ताइवान पर बयानों के जवाब में लगा, जहां उन्होंने ताइवान संकट को जापान की सुरक्षा से जोड़ा।

चीन डेली ने बताया कि मीडियम और हेवी रेयर अर्थ (जैसे समैरियम, गैडोलिनियम, डिस्प्रोसियम, यट्रियम) के निर्यात लाइसेंस की जांच सख्त हो सकती है। जापानी कंपनियों को रेयर अर्थ और मैग्नेट्स की सप्लाई में रुकावट आई है, जो ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस इंडस्ट्री को प्रभावित कर रही है।

जापान पहले ही चीन पर निर्भरता 90% से घटाकर 60% कर चुका है, लेकिन हेवी रेयर अर्थ में लगभग पूरी तरह निर्भर है। यह टेस्ट माइनिंग चीन की मनमानी के खिलाफ जापान का मजबूत जवाब है।

प्रमुख रेयर अर्थ एलिमेंट्स और उनके उपयोग

एलिमेंटवैश्विक सप्लाई वर्ष (अनुमान)मुख्य उपयोग
डिस्प्रोसियम730 सालEV मोटर्स, हाई-स्ट्रेंथ मैग्नेट्स
यट्रियम780 साललेजर्स, फ्लोरेसेंट लाइट्स
टेरबियम420 सालमैग्नेट्स, ग्रीन एनर्जी टेक
नियोडिमियममहत्वपूर्णEV और विंड टरबाइन मैग्नेट्स

यह प्रयास जापान को घरेलू सप्लाई चेन बनाने में मदद करेगा और ग्लोबल मार्केट में चीन के दबदबे को चुनौती देगा।

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Disclaimer: यह खबर वर्तमान घटनाक्रमों पर आधारित है और इसमें शामिल जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से हैं। निवेश या तकनीकी निर्णय से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।

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