सोने और चांदी ने एक बार फिर बनाया नया रिकॉर्ड, कितनी हुई अब कीमत?

“सोने की कीमतें 24 कैरेट में 1,57,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गईं, जबकि चांदी 3,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए उच्च स्तर पर। प्रमुख शहरों में भिन्नताएं दिखीं, जैसे दिल्ली में सोना 1,57,300 रुपये और चांदी 3,24,900 रुपये। बढ़ोतरी के पीछे भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर की कमजोरी और औद्योगिक मांग प्रमुख कारक। निवेशक सुरक्षित संपत्ति की ओर रुख कर रहे हैं।”

सोने की कीमतों में शुक्रवार को 2,840 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी दर्ज हुई, जिससे 24 कैरेट सोना 1,57,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। यह MCX पर पिछले सत्र से 1.84% की वृद्धि दर्शाता है। 22 कैरेट सोने की कीमत 1,44,400 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जो निवेशकों के लिए आभूषण खरीदारी में महत्वपूर्ण है। चांदी में भी 9,361 रुपये प्रति किलोग्राम की उछाल आई, जिससे यह 3,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड पर पहुंची। वैश्विक बाजार में Comex पर सोना 4,970 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा, जबकि चांदी 94.42 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है।

भारतीय बाजार में सोने की मांग में वृद्धि मुख्य रूप से सुरक्षित निवेश की तलाश से जुड़ी है, जहां निवेशक स्टॉक मार्केट की अस्थिरता से बचने के लिए धातुओं की ओर मुड़ रहे हैं। चांदी की कीमतों में उछाल सोलर पैनल, EV और 5G इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी औद्योगिक मांग से प्रेरित है, जहां आपूर्ति की कमी ने कीमतों को और ऊपर धकेला। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, जैसे चीन और भारत की रिजर्व बैंक द्वारा सोने के भंडार बढ़ाना, ने बाजार को मजबूती दी। रुपए की डॉलर के मुकाबले कमजोरी ने आयातित सोने को महंगा बनाया, जिससे घरेलू कीमतें 10% सालाना वृद्धि दर पर पहुंच गईं।

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प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतें

नीचे दी गई तालिका प्रमुख भारतीय शहरों में 24 कैरेट सोने (प्रति 10 ग्राम), 22 कैरेट सोने (प्रति 10 ग्राम) और चांदी (प्रति किलोग्राम) की वर्तमान कीमतें दर्शाती है:

शहर24 कैरेट सोना (रुपये)22 कैरेट सोना (रुपये)चांदी (रुपये)
दिल्ली1,57,3001,44,2003,24,900
मुंबई1,57,1501,44,0503,24,900
चेन्नई1,59,8201,46,5003,39,900
कोलकाता1,57,1501,44,0503,24,900
बेंगलुरु1,57,1501,44,0503,25,000
हैदराबाद1,57,1501,44,0503,25,000

ये कीमतें MCX और स्थानीय बाजारों से ली गई हैं, जहां चेन्नई में सोने की कीमतें सबसे ऊंची हैं क्योंकि दक्षिण भारत में आभूषण मांग मजबूत है। चांदी में चेन्नई सबसे महंगी है, जहां औद्योगिक उपयोग अधिक है।

कीमत बढ़ोतरी के प्रमुख कारक

भू-राजनीतिक तनाव : अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा EU देशों पर 10% टैरिफ लगाने की धमकी, ग्रीनलैंड विवाद और ईरान में अस्थिरता ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्ति की ओर धकेला। ये घटनाएं वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर रही हैं, जिससे सोने की मांग 5% बढ़ गई।

डॉलर की कमजोरी : US डॉलर इंडेक्स 98.31 पर गिरा, जो सोने को अन्य मुद्राओं में सस्ता बनाता है। इससे भारत जैसे आयातक देशों में कीमतें बढ़ीं, क्योंकि रुपया 85 प्रति डॉलर के स्तर पर कमजोर हुआ।

केंद्रीय बैंक खरीदारी : RBI और अन्य एशियाई बैंकों ने 2026 में सोने के भंडार 15% बढ़ाए, जो डे-डॉलराइजेशन ट्रेंड का हिस्सा है। इससे बाजार में आपूर्ति दबाव बढ़ा।

आर्थिक अनिश्चितता : वैश्विक विकास दर 3% से नीचे रहने की आशंका और मुद्रास्फीति जोखिम ने सोने को हेज के रूप में मजबूत किया। US Fed द्वारा दर कटौती की संभावना ने गैर-उपज वाली संपत्तियों को आकर्षक बनाया।

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चांदी के लिए औद्योगिक मांग : सिल्वर की खपत सोलर एनर्जी में 20% बढ़ी, जहां सप्लाई शॉर्टेज ने कीमतों को 147% सालाना वृद्धि दी। EV बैटरी और 5G नेटवर्क ने मांग को और बढ़ाया।

निवेशक व्यवहार : ETF में सोने की होल्डिंग्स 10% बढ़ीं, जबकि चांदी फ्यूचर्स में वॉल्यूम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। भारतीय निवेशक Diwali से पहले खरीदारी बढ़ा रहे हैं, जो कीमतों को सपोर्ट कर रहा है।

आपूर्ति बाधाएं : खनन उत्पादन में कमी, विशेष रूप से सिल्वर माइंस में, ने वैश्विक स्टॉक को घटाया। भारत में आयात शुल्क ने घरेलू कीमतों को प्रभावित किया।

बाजार विश्लेषण और पूर्वानुमान

MCX पर सोने का फरवरी कॉन्ट्रैक्ट 1,59,226 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले हफ्ते से 5 सत्रों की रैली दर्शाता है। चांदी का मार्च कॉन्ट्रैक्ट 3,09,660 रुपये पर है, जो 12% साप्ताहिक वृद्धि है। तकनीकी रूप से, सोने में $4,750 का प्रतिरोध स्तर है, जबकि चांदी $98-$100 जोन में जा सकती है। यदि टैरिफ विवाद बढ़ता है, तो सोना 1,60,000 रुपये पार कर सकता है। हालांकि, US सुप्रीम कोर्ट का टैरिफ पर फैसला अस्थिरता ला सकता है। निवेशकों को स्टॉप-लॉस के साथ ट्रेड करने की सलाह है, जहां सपोर्ट लेवल सोने के लिए 1,43,500 रुपये और चांदी के लिए 2,95,000 रुपये है।

निवेशकों के लिए सुझाव

सोने में निवेश : लंबी अवधि के लिए ETF चुनें, जहां 10% पोर्टफोलियो आवंटन जोखिम कम कर सकता है। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स फ्यूचर्स में एंट्री लें यदि कीमतें 1,55,000 रुपये नीचे गिरें।

चांदी में अवसर : औद्योगिक मांग से लाभ उठाएं, लेकिन वोलेटाइलिटी अधिक होने से 5% से ज्यादा आवंटन न करें। सिल्वर कॉइन्स या बार्स खरीदें यदि कीमतें 3,20,000 रुपये नीचे आएं।

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जोखिम प्रबंधन : मुद्रास्फीति हेज के लिए सोना बेहतर, जबकि चांदी ग्रोथ ओरिएंटेड। रुपए की गतिविधि पर नजर रखें, क्योंकि मजबूत रुपया कीमतें घटा सकता है।

वैश्विक संदर्भ में भारतीय बाजार

वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें US ट्रेजरी यील्ड्स से प्रभावित हैं, जहां 2% की वृद्धि ने दबाव बनाया लेकिन सुरक्षित मांग ने इसे पार कर लिया। भारत में आयात 15% बढ़ा, जो त्योहारी सीजन से जुड़ा है। चांदी की वैश्विक आपूर्ति में 5% कमी ने भारतीय बाजार को प्रभावित किया, जहां इंडस्ट्रियल सेक्टर 30% खपत करता है। यदि Fed दरें घटाए, तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।

उद्योग प्रभाव

आभूषण सेक्टर में सोने की ऊंची कीमतों से मांग 10% घटी, लेकिन निवेश मांग ने इसे संतुलित किया। चांदी के मामले में, इलेक्ट्रॉनिक्स और रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियां स्टॉक बढ़ा रही हैं, जिससे कीमतें स्थिर रह सकती हैं। सरकारी नीतियां, जैसे गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम, ने घरेलू आपूर्ति बढ़ाई लेकिन वैश्विक कारक प्रमुख हैं।

Disclaimer: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और निवेश सलाह नहीं है। बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए पेशेवर सलाह लें।

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