पाकिस्तान का बजट भारत के 10वें हिस्से से भी कम, मुकेश अंबानी की दौलत का आधा; कर्ज चुकाने पर 47% खर्च!

“पाकिस्तान का 2025-26 बजट 17.6 ट्रिलियन PKR है, जो भारत के 50.65 ट्रिलियन INR बजट का महज 10.5% है। यह राशि मुकेश अंबानी की 105 बिलियन USD नेट वर्थ से भी कम है, जबकि देश का 46.7% बजट कर्ज सर्विसिंग पर जा रहा है, जो रक्षा व्यय से भी ज्यादा है।”

पाकिस्तान का वित्त वर्ष 2025-26 का बजट 17.57 ट्रिलियन PKR (लगभग 63 बिलियन USD) तय किया गया है, जो पिछले वर्ष के 18.9 ट्रिलियन PKR से कम है। यह कटौती आर्थिक सुधारों और IMF दिशानिर्देशों के तहत की गई है, लेकिन इससे विकास लक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं। भारत का संघीय बजट 50.65 ट्रिलियन INR (लगभग 600 बिलियन USD) है, जो पाकिस्तान के बजट से करीब 9.5 गुना ज्यादा है। मतलब, पाकिस्तान का बजट भारत के कुल व्यय का सिर्फ 10.5% है।

इस तुलना में मुकेश अंबानी की नेट वर्थ 105 बिलियन USD है, जो पाकिस्तान के पूरे सालाना बजट से ज्यादा है। पाकिस्तान का बजट अंबानी की दौलत का लगभग 60% है, जो आर्थिक असमानता को उजागर करता है। जहां अंबानी की संपत्ति Reliance Industries के विस्तार से बढ़ रही है, वहीं पाकिस्तान कर्ज के बोझ तले दबा है।

पाकिस्तान के बजट में सबसे बड़ा हिस्सा कर्ज सर्विसिंग का है। कुल 17.57 ट्रिलियन PKR में से 8.2 ट्रिलियन PKR (46.7%) कर्ज चुकाने और ब्याज भुगतान पर खर्च होगा। यह रक्षा व्यय के 2.55 ट्रिलियन PKR (14.5%) से तीन गुना ज्यादा है। पिछले वर्ष की तुलना में रक्षा बजट 20% बढ़ा है, लेकिन कर्ज सर्विसिंग अब भी प्राथमिकता है।

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बजट ब्रेकडाउन: प्रमुख मदें

मदराशि (ट्रिलियन PKR)प्रतिशत (%)
कर्ज सर्विसिंग8.246.7
रक्षा2.5514.5
NFC अवॉर्ड (प्रांतीय हिस्सा)8.246.7
विकास व्यय (PSDP)0.955.4
पेंशन1.05.7

यह टेबल दिखाती है कि कर्ज और प्रांतीय ट्रांसफर कुल बजट का 93% घेर लेते हैं, जिससे विकास और सामाजिक क्षेत्रों के लिए सीमित फंड बचते हैं।

आर्थिक चुनौतियां और लक्ष्य

राजस्व लक्ष्य: FBR से 14.1 ट्रिलियन PKR टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य, जो पिछले वर्ष के 11.9 ट्रिलियन से 18% ज्यादा है। लेकिन पिछले साल 1 ट्रिलियन PKR का घाटा हुआ था, इसलिए सख्त अनुपालन जरूरी।

विकास दर: 4.2% GDP ग्रोथ का अनुमान, लेकिन पिछले वर्ष सिर्फ 2.8% रही। कृषि में 4.5%, मैन्युफैक्चरिंग में 4.7% और सर्विस सेक्टर में 4% ग्रोथ 기대।

फिस्कल डेफिसिट: 3.9% तक सीमित रखने का प्लान, पिछले वर्ष 2.6% था। प्राइमरी सरप्लस 2.4% लक्ष्य।

टैक्स सुधार: फ्रीलांसिंग, डिजिटल ट्रांजैक्शन और एग्रीकल्चर पर नए टैक्स। सैलरीड क्लास के लिए राहत: 0.6 मिलियन PKR तक आय पर कोई टैक्स नहीं।

बाहरी कर्ज: 23 बिलियन USD चुकाने की चुनौती, जिसमें 11 बिलियन USD मल्टीलेटरल और बाइलेटरल लेंडर्स को। कुल एक्सटर्नल डेट 111 बिलियन USD।

ये आंकड़े पाकिस्तान की आर्थिक कमजोरी को दर्शाते हैं, जहां कर्ज चुकाने पर फोकस विकास को पीछे धकेल रहा है। रिजर्व बढ़ाने के लिए रेमिटेंस 9.4 बिलियन USD और एक्सपोर्ट 35.3 बिलियन USD का लक्ष्य रखा गया है।

प्रमुख सुधार बिंदु

BISP प्रोग्राम के लिए 716 बिलियन PKR, 21% बढ़ोतरी।

प्रॉपर्टी टैक्स 1.5-2.5% तक घटाया।

डिजिटल ट्रांजैक्शन पर 0.25-2% होल्डिंग टैक्स।

NFC अवॉर्ड रिव्यू की संभावना, लेकिन राजनीतिक चुनौतियां बरकरार।

Disclaimer: यह रिपोर्ट समाचार स्रोतों, रिपोर्टों और टिप्स पर आधारित है।

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