2026 में UPI मर्चेंट फ्रॉड से बचें: ठगी कैसे होती है और आपके पैसे बचाने के 7 तरीके अब जानें!
भारत में डिजिटल पेमेंट का विस्तार तेजी से हुआ है, लेकिन इससे जुड़े फ्रॉड भी बढ़े हैं। 2025 में UPI से जुड़े फ्रॉड मामलों की संख्या 12.64 लाख पहुंच गई, जिसमें कुल 981 करोड़ रुपये की ठगी हुई। मौजूदा वित्त वर्ष (2026) के नवंबर तक 10.64 लाख मामले दर्ज हुए, जिसमें 805 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। मर्चेंट फ्रॉड इनमें प्रमुख है, जहां ठग छोटे व्यापारियों को निशाना बनाते हैं।
मर्चेंट फ्रॉड कैसे होता है
मर्चेंट फ्रॉड में ठग व्यापारियों को धोखा देकर पेमेंट लेते हैं या फर्जी ट्रांजेक्शन दिखाते हैं। मुख्य तरीके:
फेक QR कोड स्कैम : ठग असली QR पर नकली स्टिकर चिपका देते हैं या WhatsApp/SMS से फर्जी कोड भेजते हैं। पीक ऑवर्स में दुकानदार बिना चेक किए सामान दे देता है।
विशिंग और फिशिंग : फर्जी कॉल से बैंक अधिकारी बनकर पेमेंट “रिवर्स” करने के बहाने PIN या OTP मांगते हैं।
फर्जी स्क्रीनशॉट्स : पेमेंट का एडिटेड इमेज दिखाकर व्यापारी को भ्रमित करते हैं, जबकि असल में कोई ट्रांजेक्शन नहीं होता।
रिमोट एक्सेस ऐप्स : स्क्रीन शेयरिंग से अकाउंट डिटेल्स चुराते हैं।
इंपर्सनेशन : दोस्त या कस्टमर बनकर रुपये मांगते हैं, फिर फर्जी ट्रांसफर दिखाते हैं।
2025 की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि SMBs (स्मॉल एंड मीडियम बिजनेस) में ऐसे फ्रॉड 56% बढ़े, खासकर UPI और क्रेडिट कार्ड से जुड़े मामलों में। कुल साइबर फ्रॉड में डिजिटल पेमेंट का हिस्सा 56.5% है, जिसमें मर्चेंट संबंधित ठगी 27% तक है।
बचाव के तरीके
मर्चेंट फ्रॉड से बचने के लिए ये 7 तरीके अपनाएं:
हर पेमेंट को ऐप में वेरिफाई करें, स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें।
PIN, OTP या CVV कभी शेयर न करें, चाहे कोई बैंक अधिकारी ही क्यों न बने।
| वर्ष | UPI फ्रॉड मामले (लाख में) | नुकसान (करोड़ रुपये में) | मर्चेंट फ्रॉड का अनुमानित हिस्सा (%) |
|---|---|---|---|
| 2023 | 13.42 | 1,087 | 25 |
| 2024 | 12.64 | 981 | 30 |
| 2025 (नवंबर तक) | 10.64 | 805 | 35 |
QR कोड स्कैन करने से पहले स्रोत चेक करें और सिक्योर UPI ऐप्स जैसे PhonePe, Google Pay इस्तेमाल करें।
## ट्रांजेक्शन लिमिट सेट करें और रोजाना अकाउंट स्टेटमेंट चेक करें।