“नेस्ले इंडिया ने दिसंबर तिमाही में 998 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ कमाया, जो पिछले साल से 45% अधिक है। राजस्व 19% बढ़कर 5667 करोड़ रुपये पहुंचा। कंपनी ने 7 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड घोषित किया, रिकॉर्ड डेट 6 फरवरी और भुगतान 26 फरवरी से। स्टैंडअलोन लाभ 1018 करोड़ रुपये रहा, जबकि मीडिया खर्च 42% बढ़ा। शेयर कीमत में 3% उछाल आया।”
नेस्ले इंडिया, जो मैगी नूडल्स और किटकैट जैसे लोकप्रिय उत्पाद बेचती है, ने अपनी दिसंबर तिमाही की वित्तीय रिपोर्ट में मजबूत प्रदर्शन दिखाया है। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 998.42 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के 688 करोड़ रुपये से 45% अधिक है। यह लाभ वॉल्यूम-आधारित बिक्री वृद्धि और ब्रांड निवेश से प्रेरित हुआ। राजस्व के मामले में, ऑपरेशंस से प्राप्त आय 5667 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो साल-दर-साल 19% की बढ़ोतरी दर्शाती है, जबकि पिछले वर्ष यह 4780 करोड़ रुपये थी।
स्टैंडअलोन आधार पर, नेस्ले इंडिया का शुद्ध लाभ 1018 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो 46% की प्रभावशाली वृद्धि है। उत्पाद बिक्री से राजस्व 5644 करोड़ रुपये रहा, जिसमें घरेलू बिक्री 18.3% बढ़ी। कंपनी ने ईबीआईटीडीए मार्जिन को 21.3% पर बनाए रखा, जो कुशल लागत प्रबंधन और बाजार विस्तार का परिणाम है।
कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 7 रुपये प्रति इक्विटी शेयर (फेस वैल्यू 1 रुपये) का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है, जो कुल 13498.2 मिलियन रुपये का भुगतान दर्शाता है। यह डिविडेंड उन शेयरधारकों को मिलेगा जिनके नाम रिकॉर्ड डेट यानी 6 फरवरी को कंपनी के रजिस्टर में दर्ज होंगे। भुगतान 26 फरवरी से शुरू होगा। यह घोषणा कंपनी की मजबूत नकदी स्थिति और शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
प्रमुख वित्तीय हाइलाइट्स
शुद्ध लाभ (समेकित) : 998.42 करोड़ रुपये (+45% YoY)
राजस्व (ऑपरेशंस से) : 5667 करोड़ रुपये (+19% YoY)
शुद्ध लाभ (स्टैंडअलोन) : 1018 करोड़ रुपये (+46% YoY)
उत्पाद बिक्री राजस्व : 5644 करोड़ रुपये (+19% YoY)
ईबीआईटीडीए मार्जिन : 21.3%
डिविडेंड : 7 रुपये प्रति शेयर
रिकॉर्ड डेट : 6 फरवरी
भुगतान तिथि : 26 फरवरी से
कंपनी के प्रदर्शन में वॉल्यूम ग्रोथ की बड़ी भूमिका रही, जो लगभग पांच वर्षों में सबसे अधिक तिमाही टर्नओवर दर्ज करने में मददगार साबित हुई। नेस्ले इंडिया ने क्षमता विस्तार और ब्रांडों में रणनीतिक निवेश किया, जिससे बाजार में सुधार हुआ। जीएसटी लाभ के बाद बाजार रिकवरी ने भी योगदान दिया। उपभोक्ता-केंद्रित मीडिया और विज्ञापन खर्च में 42% की वृद्धि देखी गई, जो ब्रांड पहुंच को बढ़ाने में सफल रही।
2025 में कंपनी ने एकल वर्ष में सबसे अधिक निरपेक्ष और प्रतिशत पहुंच लाभ हासिल किया (कोविड काल को छोड़कर), मुख्य रूप से ग्रामीण बाजार विस्तार से। शहरी प्रदर्शन भी प्रतिस्पर्धियों से बेहतर रहा। चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी ने कहा कि यह मजबूत वॉल्यूम-आधारित वृद्धि, रिकॉर्ड तिमाही टर्नओवर और प्रतिस्पर्धी बाजार में लचीलापन दर्शाती है।
सेगमेंट-वार प्रदर्शन
नेस्ले इंडिया के विभिन्न उत्पाद सेगमेंट ने व्यापक बिक्री वृद्धि दिखाई। मैगी नूडल्स जैसे रेडी-टू-ईट उत्पादों ने मजबूत मांग देखी, जबकि चॉकलेट और कॉन्फेक्शनरी सेगमेंट में किटकैट की बिक्री ने योगदान दिया। पेय पदार्थों में नेस्कैफे ने ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार से लाभ उठाया। कुल मिलाकर, घरेलू बाजार में 18.3% की वृद्धि दर्ज हुई, जो उपभोक्ता विश्वास की वापसी को इंगित करती है।
| सेगमेंट | राजस्व वृद्धि (YoY) | प्रमुख योगदान |
|---|---|---|
| तैयार भोजन और नाश्ता (मैगी आदि) | 22% | वॉल्यूम बढ़ोतरी और नए वैरिएंट लॉन्च |
| चॉकलेट और कॉन्फेक्शनरी | 15% | उत्सव सीजन की मांग |
| पेय पदार्थ (नेस्कैफे) | 20% | ग्रामीण पहुंच विस्तार |
| दूध उत्पाद और पोषण | 18% | स्वास्थ्य-केंद्रित उत्पादों की बिक्री |
शेयर बाजार में इस घोषणा का सकारात्मक असर पड़ा। बीएसई पर शेयर कीमत इंट्राडे में 1281.95 रुपये के निचले स्तर से 1339.85 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंची, जो 3% की बढ़ोतरी दर्शाती है। यह 70-दिन के कप एंड हैंडल पैटर्न से बुलिश ब्रेकआउट की पुष्टि करता है, जो 1310 रुपये के आसपास था। यदि यह स्तर बनाए रखा जाता है, तो शेयर ऑल-टाइम हाई 1374 रुपये को छू सकता है, और आगे 1425 रुपये तक जा सकता है।
कंपनी की रणनीति में ग्रामीण बाजार पर फोकस प्रमुख रहा, जहां पहुंच में रिकॉर्ड लाभ हुआ। शहरी क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा के बावजूद, नेस्ले इंडिया ने बेहतर प्रदर्शन किया। विज्ञापन खर्च की वृद्धि ने ब्रांड दृश्यता बढ़ाई, जो बिक्री में सीधे योगदान दे रही है। भविष्य में, कंपनी क्षमता विस्तार और नए उत्पाद लॉन्च पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करेगी।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
डिविडेंड प्राप्त करने के लिए शेयरधारकों को 6 फरवरी तक पोजीशन बनाए रखनी होगी।
कंपनी की नकदी स्थिति मजबूत है, जो आगे डिविडेंड पॉलिसी को सपोर्ट करेगी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिणाम एफएमसीजी सेक्टर में रिकवरी का संकेत है।
शेयर कीमत में उछाल से ट्रेडर्स को शॉर्ट-टर्म लाभ मिल सकता है, लेकिन लॉन्ग-टर्म निवेशकों को कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटजी पर नजर रखनी चाहिए।
नेस्ले इंडिया का यह प्रदर्शन भारतीय एफएमसीजी बाजार में मजबूती दिखाता है, जहां उपभोक्ता मांग में सुधार हो रहा है। कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो की विविधता और बाजार विस्तार ने इसे प्रतिस्पर्धा से आगे रखा है।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट सूत्रों पर आधारित है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।