“केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) में 5% की वृद्धि की संभावना, जो वर्तमान 58% से बढ़कर 63% हो सकता है। दिसंबर 2025 का AICPI-IW इंडेक्स 148.2 पर अपरिवर्तित रहा, जिससे जनवरी 2026 से लागू होने वाले डीए में अधिकतम बढ़ोतरी की अटकलें तेज। बजट सत्र के बीच यह खबर कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन पर सीधा असर डालेगी, ट्रांसपोर्ट अलाउंस में भी वृद्धि संभावित।”
केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि की प्रक्रिया AICPI-IW इंडेक्स पर आधारित होती है, जो श्रम ब्यूरो द्वारा जारी किया जाता है। दिसंबर 2025 का इंडेक्स 148.2 पर स्थिर रहा, जो नवंबर के समान है। यह स्थिरता डीए कैलकुलेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि औसत इंडेक्स के आधार पर प्रतिशत तय होता है। ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉयी फेडरेशन के प्रेसिडेंट मनजीत सिंह पटेल ने कहा कि इस स्तर पर डीए में 5% की बढ़ोतरी संभव है, जो कुल 63% तक पहुंचाएगी।
डीए कैलकुलेशन का फॉर्मूला 7th Pay Commission के तहत तय है, जहां AICPI-IW (बेस ईयर 2016=100) को पुराने बेस (2001=100) में कन्वर्ट करने के लिए 2.88 के लिंकिंग फैक्टर का उपयोग होता है। जुलाई से दिसंबर 2025 के इंडेक्स इस प्रकार हैं: जुलाई-146.5, अगस्त-147.1, सितंबर-147.3, अक्टूबर-147.7, नवंबर-148.2, दिसंबर-148.2। इनका औसत 147.5 आता है, जो कन्वर्टेड वैल्यू में डीए को 63% के करीब ले जाता है। यदि सरकार इस आधार पर फैसला लेती है, तो यह अधिकतम संभव वृद्धि होगी।
इस वृद्धि का असर लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनधारकों पर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई कर्मचारी का बेसिक पे 50,000 रुपये है, तो मौजूदा 58% डीए पर 29,000 रुपये मिलते हैं। 63% पर यह 31,500 रुपये हो जाएगा, यानी 2,500 रुपये की मासिक बढ़ोतरी। पेंशनधारकों के लिए डियरनेस रिलीफ (डीआर) में भी समान वृद्धि होगी, जो महंगाई के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करेगी।
ट्रांसपोर्ट अलाउंस (टीए) भी डीए के साथ जुड़ा होता है। Y-कैटेगरी शहरों में पे लेवल 5 के लिए मौजूदा टीए 2,790 रुपये है, जो 5% वृद्धि के साथ 2,934 रुपये हो सकता है। यह बदलाव विशेष रूप से मेट्रो शहरों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए फायदेमंद साबित होगा, जहां ट्रांसपोर्ट खर्च अधिक होता है।
| महीना | AICPI-IWइंडेक्स(2025) | परिवर्तन(पिछलेमहीनेसे) |
|---|---|---|
| जनवरी | 144.0 | +0.3 |
| फरवरी | 144.2 | +0.2 |
| मार्च | 144.5 | +0.3 |
| अप्रैल | 144.8 | +0.3 |
| मई | 145.0 | +0.2 |
| जून | 145.0 | 0.0 |
| जुलाई | 146.5 | +1.5 |
| अगस्त | 147.1 | +0.6 |
| सितंबर | 147.3 | +0.2 |
| अक्टूबर | 147.7 | +0.4 |
| नवंबर | 148.2 | +0.5 |
| दिसंबर | 148.2 | 0.0 |
यह टेबल पूरे वर्ष के इंडेक्स ट्रेंड को दर्शाती है, जहां दूसरी छमाही में इंडेक्स में तेजी देखी गई। जनवरी से जून तक औसत 144.58 था, जबकि जुलाई से दिसंबर तक 147.5, जो महंगाई की बढ़ती प्रवृत्ति को इंगित करता है।
बजट सत्र के दौरान यह अपडेट महत्वपूर्ण है, क्योंकि वित्त मंत्री निरमला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले बजट में 8th Pay Commission की चर्चा हो सकती है। कई यूनियन्स मांग कर रही हैं कि डीए को बेसिक पे में मर्ज किया जाए, जो सैलरी स्ट्रक्चर को मजबूत बनाएगा। यदि 63% डीए लागू होता है, तो यह 7th Pay Commission के अंतर्गत अंतिम बड़ी वृद्धि हो सकती है, क्योंकि 8th Commission 2026 से प्रभावी हो सकता है।
कर्मचारियों के लिए यह वृद्धि HRA (हाउस रेंट अलाउंस) को भी प्रभावित करेगी, जो डीए पर निर्भर नहीं होती लेकिन कुल पैकेज में योगदान देती है। X-कैटेगरी शहरों में HRA 27% है, जो बेसिक पे पर आधारित है। डीए वृद्धि से कुल CTC बढ़ेगा, जो रिटायरमेंट प्लानिंग में मददगार साबित होगा।
पेंशनधारकों के लिए डीआर वृद्धि पेंशन अमाउंट को बढ़ाएगी। उदाहरणस्वरूप, 30,000 रुपये की बेसिक पेंशन पर 58% डीआर 17,400 रुपये देती है, जो 63% पर 18,900 रुपये हो जाएगी। यह बदलाव विशेष रूप से सीनियर सिटिजन्स के लिए राहत भरा होगा, जो मेडिकल और दैनिक खर्चों से जूझते हैं।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिर इंडेक्स के बावजूद सरकार अधिकतम वृद्धि का ऐलान कर सकती है, ताकि कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा रहे। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में 2-3% वृद्धि की बात भी है, लेकिन ऑल इंडिया NPS फेडरेशन की गणना 5% पर जोर देती है। यह फैसला कैबिनेट मीटिंग में लिया जाएगा, जो बजट से पहले या उसके दौरान हो सकता है।
इसके अलावा, डीए वृद्धि से ग्रेच्युटी और PF योगदान पर भी प्रभाव पड़ेगा। ग्रेच्युटी कैलकुलेशन में बेसिक + डीए शामिल होता है, जो रिटायरमेंट बेनिफिट्स को बढ़ाएगा। कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी सैलरी स्लिप चेक करें और अपडेटेड कैलकुलेटर का उपयोग करें।
डीए वृद्धि के प्रमुख प्रभाव:
सैलरी इंक्रीमेंट: न्यूनतम 1,800 रुपये से 9,000 रुपये तक की मासिक वृद्धि, पे लेवल के आधार पर।
ए र ि य र ् स : जनवरी 2026 से लागू, मार्च में एरियर्स क्रेडिट हो सकते हैं।
ट्रांसपोर्ट बेनिफिट: Y-कैटेगरी में 144 रुपये की अतिरिक्त वृद्धि।
पेंशन एडजस्टमेंट: डीआर में समान प्रतिशत, जो फैमिली पेंशन पर भी लागू।
इकोनॉमिक इंपैक्ट: कुल 1.5 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय, जो कंज्यूमर स्पेंडिंग को बूस्ट देगा।
यह वृद्धि महंगाई दर को ध्यान में रखते हुए तय की जाती है, जो 2025 में औसतन 3.13% रही। यदि इंडेक्स में आगे बदलाव होता है, तो अंतिम फैसला प्रभावित हो सकता है, लेकिन वर्तमान डेटा 63% की ओर इशारा करता है।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट और सुझाव स्रोतों पर आधारित है।