बैंक में अकाउंट ओपनिंग, KYC अपडेट, चेकबुक जारी करवाना, बड़े अमाउंट की निकासी या अन्य सेवाओं के लिए आधार, PAN, वोटर ID, पासपोर्ट जैसे ऑफिशियली वैलिड डॉक्यूमेंट्स जरूरी हैं। इनमें से एक भी भूल गए तो काम अटक सकता है और आपको कई बार बैंक जाना पड़ सकता है। RBI गाइडलाइंस के मुताबिक, सिंगल डॉक्यूमेंट से दोनों आईडेंटिटी और एड्रेस प्रूफ हो सकता है, लेकिन सही कॉम्बिनेशन साथ रखना जरूरी है।
बैंक में जरूरी काम के लिए जरूरी दस्तावेज
भारतीय बैंकिंग सिस्टम में RBI के KYC नियमों के तहत हर ग्राहक को अपनी पहचान और पते का प्रमाण देना अनिवार्य है। चाहे आप नया अकाउंट खोल रहे हों, पुराना KYC अपडेट करवा रहे हों, चेकबुक रिक्वेस्ट कर रहे हों, फिक्स्ड डिपॉजिट शुरू कर रहे हों या 50,000 रुपये से ज्यादा की कैश निकासी कर रहे हों – सही दस्तावेज न होने पर बैंक अधिकारी काम रोक सकते हैं। इससे बचने के लिए हमेशा ये डॉक्यूमेंट्स साथ रखें:
ऑफिशियली वैलिड डॉक्यूमेंट्स (OVDs) की लिस्ट
RBI के अनुसार ये मुख्य रूप से स्वीकार किए जाते हैं:
आधार कार्ड – सबसे लोकप्रिय और आसान विकल्प, क्योंकि ये आईडेंटिटी और एड्रेस दोनों प्रूफ करता है। कई बैंक अब आधार OTP या e-KYC से काम पूरा कर लेते हैं।
PAN कार्ड – लगभग हर बड़े ट्रांजेक्शन या अकाउंट ओपनिंग में अनिवार्य। बिना PAN के फॉर्म 60 जमा करना पड़ सकता है, लेकिन ज्यादातर बैंक इसे स्वीकार नहीं करते।
पासपोर्ट – आईडेंटिटी और एड्रेस दोनों के लिए मान्य, खासकर NRI या विदेश यात्रा करने वालों के लिए उपयोगी।
ड्राइविंग लाइसेंस – फोटो के साथ आईडेंटिटी और एड्रेस प्रूफ, लेकिन वैलिड होना चाहिए।
वोटर आईडी कार्ड (EPIC) – आमतौर पर एड्रेस प्रूफ के रूप में इस्तेमाल होता है, कई मामलों में आईडेंटिटी भी।
NREGA जॉब कार्ड – ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत उपयोगी, राज्य सरकार द्वारा साइन किया हुआ।
नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर से जारी लेटर – नाम और एड्रेस के साथ।
एक ही डॉक्यूमेंट (जैसे आधार या पासपोर्ट) से दोनों प्रूफ हो सकता है, लेकिन अगर अलग-अलग हैं तो दोनों ले जाना बेहतर।
आम बैंक काम और जरूरी डॉक्यूमेंट्स
विशेष परिस्थितियां जहां डॉक्यूमेंट्स और सावधानियां
| काम का प्रकार | मुख्य जरूरी दस्तावेज | अतिरिक्त टिप्स |
|---|---|---|
| नया सेविंग्स/करंट अकाउंट ओपनिंग | आधार/PAN + एक OVD (पासपोर्ट/वोटर ID/ड्राइविंग लाइसेंस) + पासपोर्ट साइज फोटो | PAN अनिवार्य, छोटे अकाउंट के लिए सेल्फ-अटेस्टेड फोटो काफी हो सकता है। |
| KYC अपडेट/री-केवाईसी | मौजूदा OVD अगर एड्रेस बदला हो तो नया प्रूफ, सेल्फ-डिक्लेरेशन अगर कोई बदलाव नहीं | डिजिटल चैनल (मोबाइल ऐप, ATM, ईमेल) से भी संभव, ब्रांच विजिट जरूरी नहीं। |
| चेकबुक जारी करवाना | अकाउंट नंबर + आईडेंटिटी प्रूफ (आधार/PAN) | बड़े चेकबुक रिक्वेस्ट पर KYC चेक हो सकता है। |
| 50,000+ कैश निकासी/डिपॉजिट | PAN + आईडेंटिटी प्रूफ, कभी-कभी फिंगरप्रिंट/OTP वैरिफिकेशन | कैश ट्रांजेक्शन लिमिट से ज्यादा पर इनकम सोर्स पूछा जा सकता है। |
| फिक्स्ड डिपॉजिट/आरडी शुरू करना | PAN + आधार/अन्य OVD | टैक्स सेविंग FD के लिए अतिरिक्त फॉर्म। |
| लोन/क्रेडिट कार्ड अप्लाई | PAN + आधार + इनकम प्रूफ (सैलरी स्लिप/आईटीआर) + एड्रेस प्रूफ | KYC पहले से कंप्लीट हो तो प्रोसेस तेज। |
एड्रेस चेंज – अगर आपका मौजूदा एड्रेस OVD में नहीं है, तो नया यूटिलिटी बिल (बिजली/गैस/टेलीफोन, 2 महीने से पुराना नहीं), रेंट एग्रीमेंट या बैंक स्टेटमेंट ले जाएं। सेल्फ-डिक्लेरेशन भी कई बैंक स्वीकार करते हैं।
माइनर अकाउंट – गार्जियन का KYC + बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट या स्कूल आईडी।
स्मॉल अकाउंट (बिना पूरे KYC) – सेल्फ-अटेस्टेड फोटो + साइन/थंब इंप्रेशन, लेकिन लिमिटेड बैलेंस (50,000 तक) और ट्रांजेक्शन।
एनआरआई/फॉरेन स्टूडेंट्स – पासपोर्ट + वीजा + लोकल एड्रेस प्रूफ (1 महीने में जमा कर सकते हैं)।
डिजिटल KYC – वीडियो KYC (V-CIP) से घर बैठे काम, लेकिन अच्छा इंटरनेट और कैमरा जरूरी।
बचाव के टिप्स – बार-बार चक्कर से कैसे बचें
हमेशा आधार और PAN साथ रखें – ये 90% मामलों में काम आ जाते हैं।
बैंक ऐप या इंटरनेट बैंकिंग से पहले KYC स्टेटस चेक करें।
अगर एड्रेस चेंज हुआ है तो तुरंत अपडेट करवाएं, वरना अकाउंट इनऑपरेटिव हो सकता है।
बड़े अमाउंट ट्रांजेक्शन से पहले बैंक से कन्फर्म करें कि क्या अतिरिक्त डॉक्यूमेंट चाहिए।
फोटोकॉपी हमेशा सेल्फ-अटेस्टेड साथ ले जाएं, ओरिजिनल दिखाने के लिए रखें।
इन दस्तावेजों को चेकलिस्ट की तरह फॉलो करें तो बैंक विजिट एक बार में पूरा हो जाएगा और आपका कीमती समय बचेगा।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और RBI गाइडलाइंस पर आधारित है। बैंक-विशेष नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए अपनी ब्रांच से कन्फर्म करें।