**_*“FY26 की Q3 में स्मॉलकैप कंपनियों ने 22-32% तक की मजबूत कमाई वृद्धि दर्ज की, जबकि मिडकैप 15-20% और लार्जकैप 13-14% पर रहे। Nifty-500 में 8 तिमाहियों का सबसे ऊंचा PAT ग्रोथ देखा गया, जहां स्मॉलकैप ने बाजार को नई दिशा दी।”_* **
FY26 की Q3 में स्मॉलकैप ने मिडकैप और लार्जकैप को पीछे छोड़ा, कमाई के मामले में मारी बाजी
भारतीय शेयर बाजार में FY26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में स्मॉलकैप कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया। इन कंपनियों ने सालाना आधार पर 22% से 32% तक की कमाई वृद्धि दर्ज की, जो मिडकैप (15-20%) और लार्जकैप (13-14%) से काफी आगे रही। इस दौरान Nifty-500 में 8 तिमाहियों का सबसे मजबूत PAT ग्रोथ देखा गया, जहां कुल कमाई में 15-19% की बढ़ोतरी हुई।
स्मॉलकैप सेगमेंट में EPS अपग्रेड की संख्या सबसे ज्यादा रही, जहां करीब 36% कंपनियों में अनुमान से बेहतर नतीजे आए। ऑटो, बैंकिंग, आईटी, मेटल्स एंड माइनिंग, इंटरनेट, टेलीकॉम और कंज्यूमर रिटेल जैसे सेक्टरों में मजबूत मांग और बेहतर फंडामेंटल्स ने ग्रोथ को बढ़ावा दिया। मेटल्स एंड माइनिंग में EPS 395% तक उछला, जबकि इंटरनेट और टेलीकॉम में 73% और 65% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से तुलना
| सेगमेंट | PAT ग्रोथ (YoY) | रेवेन्यू ग्रोथ (YoY) | प्रमुख सेक्टर योगदान |
|---|---|---|---|
| स्मॉलकैप | 22-32% | 10-11.6% | ऑटो, बैंकिंग, आईटी, मेटल्स, कंज्यूमर |
| मिडकैप | 15-20% | 9-10% | रियल एस्टेट, फाइनेंशियल, हेल्थकेयर |
| लार्जकैप | 13-14% | 5-8% | FMCG, एनर्जी, फाइनेंशियल सर्विसेज |
स्मॉलकैप में रेवेन्यू ग्रोथ भी सबसे ऊंची रही, जहां कई कंपनियों ने 10% से ज्यादा की बढ़ोतरी दिखाई। हालांकि, 40% स्मॉलकैप कंपनियां अनुमानों से चूक गईं, लेकिन कुल मिलाकर सेगमेंट ने रिकवरी का मजबूत संकेत दिया। लार्जकैप में ग्रोथ स्थिर रही, लेकिन स्मॉलकैप की तुलना में कमजोर।
सेक्टर-विशिष्ट हाइलाइट्स
मेटल्स एंड माइनिंग : सबसे तेज EPS ग्रोथ (395%), कमोडिटी कीमतों में सुधार से फायदा।
ऑटोमोबाइल : 29% EPS बढ़ोतरी, EV और डिमांड रिकवरी से सपोर्ट।
बैंकिंग और NBFC : मजबूत लोन ग्रोथ और बेहतर एसेट क्वालिटी से कमाई में उछाल।
कंज्यूमर रिटेल : 40% EPS ग्रोथ, वॉल्यूम-ड्रिवन रिकवरी।
आईटी : अपग्रेड्स के साथ रिटर्न टू ग्रोथ, क्लाइंट डिमांड में सुधार।
कई स्मॉलकैप कंपनियों ने 100-300% तक प्रॉफिट ग्रोथ दिखाई, खासकर उनमें जहां ऑर्डर बुक मजबूत रही या नई फैसिलिटी शुरू हुई। उदाहरण के तौर पर, इंफ्रा और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों में रेवेन्यू 21% और EBITDA 86% तक बढ़ा।
इस तिमाही ने साबित किया कि स्मॉलकैप सेगमेंट में फंडामेंटल्स मजबूत हो रहे हैं, जहां वैल्यूएशन रीसेट के बाद क्वालिटी स्टॉक्स में निवेश के मौके बढ़े हैं। ब्रॉड-बेस्ड रिकवरी और डिमांड में सुधार से FY27 में भी स्मॉलकैप का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है, हालांकि वोलेटिलिटी बनी रहेगी।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट बाजार ट्रेंड्स और उपलब्ध डेटा पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।