सोना 2026 में 2 लाख के पार? JP Morgan का नया दावा, $6300 तक पहुंचने का टारगेट

जेपी मॉर्गन ने सोने के लिए 2026 के अंत तक $6,300 प्रति औंस का टारगेट दिया है, जो वर्तमान स्तर से करीब 22% ऊपर है। भारत में यह 10 ग्राम सोने के लिए लगभग 2 लाख रुपये से अधिक हो सकता है। केंद्रीय बैंकों और निवेशकों की मजबूत मांग के कारण यह तेजी बरकरार रहने की उम्मीद है, जबकि लंबी अवधि में $4,500 का नया फोरकास्ट जारी किया गया है।

सोने की कीमतों में नई तेजी का अनुमान: JP Morgan का अपडेटेड टारगेट

जेपी मॉर्गन की ग्लोबल कमोडिटी रिसर्च टीम ने हाल ही में सोने के दामों पर अपना आउटलुक अपडेट किया है। बैंक ने 2026 के अंत तक सोने की कीमत $6,300 प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। यह टारगेट पिछले अनुमानों से ऊपर है और केंद्रीय बैंकों तथा निवेशकों की निरंतर खरीदारी पर आधारित है।

वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की स्पॉट कीमत लगभग $5,150-$5,200 प्रति औंस के आसपास है, जिससे $6,300 का लक्ष्य करीब 22% की बढ़ोतरी दर्शाता है। भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत आज 26 फरवरी 2026 को प्रति 10 ग्राम ₹1,60,000 से ₹1,62,000 के बीच चल रही है। $6,300 के स्तर पर पहुंचने पर भारतीय बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमत ₹2,02,000 के पार जा सकती है, जो वर्तमान से करीब 25% अधिक होगी।

जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों का कहना है कि सोने की यह रैली लीनियर नहीं होगी, लेकिन मूलभूत कारक मजबूत बने रहेंगे। केंद्रीय बैंकों द्वारा रिजर्व डाइवर्सिफिकेशन की प्रवृत्ति अभी खत्म नहीं हुई है। निवेशक भी गोल्ड को सुरक्षित संपत्ति के रूप में ज्यादा आवंटन दे रहे हैं। बैंक ने अनुमान लगाया है कि अगर घरेलू पोर्टफोलियो में गोल्ड का आवंटन 3% से बढ़कर 4.6% हो जाए, तो कीमतें $8,000-$8,500 तक भी जा सकती हैं, हालांकि यह उनका बेस केस नहीं है।

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मुख्य कारण जो सोने को ऊपर धकेल रहे हैं

केंद्रीय बैंकों की खरीदारी : पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक केंद्रीय बैंक सोने की भारी मात्रा में खरीद रहे हैं। यह ट्रेंड 2026 में भी जारी रहने की संभावना है, जो कीमतों को सपोर्ट करेगा।

निवेशकों का डाइवर्सिफिकेशन : इक्विटी और बॉन्ड से दूर हटकर निवेशक गोल्ड में शिफ्ट हो रहे हैं। गोल्ड ETF और फिजिकल गोल्ड दोनों में मांग बढ़ी है।

भू-राजनीतिक अनिश्चितता : वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और आर्थिक अनिश्चितता सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प बनाती है।

मुद्रास्फीति और ब्याज दरें : अमेरिकी फेड की नीतियां और वैश्विक मुद्रास्फीति सोने के पक्ष में काम कर रही हैं।

भारत में सोने की कीमतों पर असर

भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता देश है। यहां सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय भाव के साथ-साथ डॉलर-रुपये की दर, आयात शुल्क और लोकल डिमांड पर निर्भर करती हैं। वर्तमान में 24 कैरेट सोना दिल्ली में ₹16,183 प्रति ग्राम, मुंबई में ₹16,168 प्रति ग्राम के आसपास है। 22 कैरेट सोना ₹14,820-₹14,835 प्रति ग्राम चल रहा है।

अगर JP Morgan का $6,300 टारगेट हासिल होता है, तो भारत में:

10 ग्राम 24 कैरेट सोना: ₹2,00,000 से ₹2,05,000 के बीच

100 ग्राम: ₹20 लाख से ऊपर

यह स्तर शादी-विवाह, त्योहारों और निवेश के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन निवेशकों के लिए अवसर भी।

जेपी मॉर्गन के अन्य अपडेट

बैंक ने लंबी अवधि के लिए सोने का फोरकास्ट 15% बढ़ाकर $4,500 प्रति औंस कर दिया है। 2026 के औसत मूल्य अनुमान को भी $4,323 तक अपडेट किया गया है। यह दर्शाता है कि बैंक सोने में लंबे समय तक तेजी की उम्मीद कर रहा है।

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निवेशकों के लिए सलाह

अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो वर्तमान स्तर पर गोल्ड में पोजीशन बनाना फायदेमंद हो सकता है।

शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए SIP या छोटी खरीदारी बेहतर।

फिजिकल गोल्ड, ETF या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में विकल्प चुनें।

Disclaimer : यह लेख बाजार की स्थितियों और विशेषज्ञ अनुमानों पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें और वित्तीय सलाह लें।

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