Oben Electric ने अपने इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल राइडर्स के साथ 3.2 करोड़ किलोमीटर का संचयी सफर पूरा किया है, जो मात्र दो वर्षों में हासिल किया गया माइलस्टोन है। इस दौरान राइडर्स ने पेट्रोल पर लगभग 8 करोड़ रुपये बचाए और CO2 उत्सर्जन में बड़ी कमी लाई, जो भारतीय EV बाजार में कंपनी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
Oben Electric के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स ने 3.2 करोड़ किमी का आंकड़ा पार किया
Oben Electric ने हाल ही में घोषणा की कि उसके ग्राहकों ने भारतीय सड़कों पर कुल 3.2 करोड़ किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की है। यह उपलब्धि कंपनी के Rorr पोर्टफोलियो के इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल्स पर आधारित है, जो मात्र दो साल के ऑपरेशन में हासिल हुई है।
यह संचयी दूरी विभिन्न शहरों और अलग-अलग राइडिंग कंडीशंस में दर्ज की गई है, जिसमें दैनिक कम्यूटिंग, लंबी यात्राएं और चुनौतीपूर्ण रोड कंडीशंस शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, यह माइलस्टोन ग्राहकों की बढ़ती भरोसेमंदी को दिखाता है, जो Oben की मोटरसाइकिल्स को अपनी प्राइमरी कम्यूटर व्हीकल के रूप में अपनाते हैं।
Rorr सीरीज की मोटरसाइकिल्स, विशेष रूप से Rorr EZ और Rorr HZ मॉडल्स, हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक कैटेगरी में मजबूत प्रदर्शन दे रही हैं। इन व्हीकल्स में 8-10 kW के पावरफुल मोटर्स, 4-5 kWh बैटरी पैक और 100-150 किमी की रियल-वर्ल्ड रेंज मिलती है, जो भारतीय यूजर्स की जरूरतों के अनुरूप डिजाइन की गई है। टॉप स्पीड 100 किमी/घंटा से अधिक होने के साथ ये मोटरसाइकिल्स शहर और हाईवे दोनों पर प्रभावी साबित हो रही हैं।
इस 3.2 करोड़ किमी के सफर से पर्यावरणीय लाभ भी उल्लेखनीय हैं। अनुमान के मुताबिक, इतनी दूरी पर पेट्रोल व्हीकल्स से होने वाले CO2 उत्सर्जन की तुलना में Oben राइडर्स ने हजारों टन कार्बन डाइऑक्साइड कम किया है। साथ ही, फ्यूल बचत के चलते राइडर्स ने कुल मिलाकर करीब 8 करोड़ रुपये की बचत की है। यह आंकड़ा औसत पेट्रोल कीमतों और 30-40 किमी/लीटर की माइलेज वाली बाइक्स के आधार पर कैलकुलेट किया गया है।
Oben Electric भारतीय EV मार्केट में तेजी से उभर रही कंपनी है, जो प्रीमियम इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल्स सेगमेंट में फोकस कर रही है। कंपनी ने हाल के वर्षों में प्रोडक्शन बढ़ाया है और डीलर नेटवर्क का विस्तार किया है, जिससे विभिन्न राज्यों में उपलब्धता बढ़ी है। Rorr मॉडल्स में फास्ट चार्जिंग, रिजनरेटिव ब्रेकिंग, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और कनेक्टेड फीचर्स जैसे मोबाइल ऐप इंटीग्रेशन शामिल हैं, जो राइडर्स को रियल-टाइम बैटरी स्टेटस, लोकेशन ट्रैकिंग और परफॉर्मेंस डेटा प्रदान करते हैं।
यह माइलस्टोन भारतीय EV इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि इलेक्ट्रिक दो-पहिया वाहनों में दैनिक उपयोग बढ़ रहा है। जहां स्कूटर सेगमेंट में Ola, Ather जैसी कंपनियां लीड कर रही हैं, वहीं मोटरसाइकिल कैटेगरी में Oben जैसी कंपनियां मजबूत विकल्प पेश कर रही हैं। ग्राहक फीडबैक के अनुसार, Rorr की मजबूत बिल्ड क्वालिटी, कम मेंटेनेंस और लो रनिंग कॉस्ट प्रमुख कारण हैं जो इसे अपनाने में मदद कर रहे हैं।
कंपनी अब आगे के विस्तार की योजना बना रही है, जिसमें नई मॉडल्स, बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश शामिल है। यह उपलब्धि EV अपनाने की दिशा में एक मजबूत संकेत है, खासकर ऐसे समय में जब भारत 2030 तक 30% इलेक्ट्रिक व्हीकल पेनेट्रेशन का लक्ष्य रखता है।