“सरकार के नए नियमों से 2026 से भारी यात्री वाहनों और ट्रकों में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) अनिवार्य हो रहे हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी। शुरुआत बड़े वाहनों से हो रही है, जबकि सामान्य कारों में भी Bharat NCAP 2.0 के तहत ADAS महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
भारत सरकार सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए तेजी से कदम उठा रही है। Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) ने भारी वाहनों में Advanced Driver Assistance Systems (ADAS) को अनिवार्य बनाने का फैसला किया है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। अप्रैल 2026 से नए मॉडल के बड़े यात्री वाहनों (8 से अधिक सीटों वाले) और ट्रकों में ये फीचर्स लगाना जरूरी होगा। मौजूदा उत्पादन मॉडलों पर यह नियम अक्टूबर 2026 से लागू होगा।
यह फैसला मुख्य रूप से M2, M3 (बसें और बड़े यात्री वाहन), N2, N3 (ट्रक) कैटेगरी के वाहनों पर लागू है। इनमें Automatic Emergency Braking System (AEBS), Lane Departure Warning System (LDWS), Driver Drowsiness and Attention Warning System (DDAWS), Blind Spot Information System (BSIS) और Moving Off Information System (MOIS) जैसे प्रमुख ADAS फीचर्स शामिल हैं। ये सभी AIS (Automotive Industry Standards) के तहत परफॉर्मेंस टेस्ट से गुजरेंगे।
ADAS फीचर्स की मुख्य सूची और कार्यक्षमता
Automatic Emergency Braking System (AEBS) : सामने आने वाले खतरे पर खुद ब्रेक लगाता है, टक्कर से बचाता है।
Lane Departure Warning System (LDWS) : लेन से बाहर जाने पर अलर्ट देता है, ड्राइवर को सतर्क करता है।
Driver Drowsiness Detection and Alert System : थकान या ध्यान भटकने पर चेतावनी जारी करता है।
Blind Spot Information System (BSIS) : साइड में छिपे वाहनों या पैदल यात्रियों की जानकारी देता है।
Moving Off Information System (MOIS) : स्टार्ट होते समय आसपास के खतरे दिखाता है, खासकर पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए उपयोगी।
ये फीचर्स भारतीय सड़कों पर आम जोखिमों जैसे थकान, लेन बदलना, ब्लाइंड स्पॉट और अचानक ब्रेकिंग को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इनसे भारी वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में 20-30% तक कमी आ सकती है, क्योंकि भारत में ट्रक-बस दुर्घटनाएं अक्सर थकान और लेन ड्रिफ्ट से होती हैं।
Bharat NCAP 2.0 में ADAS की भूमिका
Bharat NCAP का नया संस्करण (2.0) अक्टूबर 2027 से लागू होने की संभावना है, जिसमें ADAS को सेफ्टी रेटिंग में महत्वपूर्ण जगह मिलेगी। वर्तमान में Bharat NCAP वॉलंटरी है, लेकिन नए प्रोटोकॉल में पांच पिलर पर रेटिंग होगी:
Crash Protection (55%)
Vulnerable Road User Protection (20%)
Safe Driving (10%)
Accident Avoidance (10%)
Post-Crash Safety (5%)
Accident Avoidance में AEBS, LDWS जैसे ADAS फीचर्स स्कोर बढ़ाएंगे। 5-स्टार रेटिंग के लिए 2027-2029 में कम से कम 70 पॉइंट्स और 2029-2031 में 80 पॉइंट्स जरूरी होंगे। ESC (Electronic Stability Control) और curtain airbags अब रेटिंग के लिए अनिवार्य होंगे।
वाहन कैटेगरी और समयसीमा
| कैटेगरी | वाहन प्रकार | ADAS अनिवार्यता शुरूआत | प्रमुख फीचर्स |
|---|---|---|---|
| M2/M3 | 8+ सीटों वाले यात्री वाहन/बसें | अप्रैल 2026 (नए मॉडल), अक्टूबर 2026 (मौजूदा) | AEBS, LDWS, DDAWS, BSIS, MOIS |
| N2/N3 | ट्रक (>3.5 टन GVW) | अप्रैल 2026 (नए), अक्टूबर 2026 (मौजूदा) | AEBS, LDWS, DDAWS + 2028 से BSIS/MOIS |
| M1 | सामान्य कारें | अभी अनिवार्य नहीं, लेकिन Bharat NCAP में स्कोर प्रभावित | Level-2 ADAS वाले मॉडल बढ़ रहे हैं |
सामान्य कारों (M1) में ADAS अभी अनिवार्य नहीं है, लेकिन Hyundai Creta, Kia Seltos, MG Astor जैसे मॉडल Level-2 ADAS से लैस हैं। 2026-2027 में और मॉडल जैसे Renault Duster, Maruti अपडेट में ये फीचर्स आएंगे।
सड़क सुरक्षा पर प्रभाव
भारत में हर साल लाखों दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें भारी वाहन बड़ी भूमिका निभाते हैं। ADAS अनिवार्य होने से ड्राइवर की गलतियों को कम किया जा सकेगा। ARAI ने पुणे में ADAS टेस्ट सिटी शुरू की है, जहां भारतीय परिस्थितियों में इन सिस्टम्स की जांच होगी।
यह कदम भारत को ग्लोबल सेफ्टी स्टैंडर्ड्स के करीब लाएगा, जहां यूरोप में ADAS पहले से अनिवार्य हैं। आने वाले वर्षों में प्राइवेट कारों में भी ये फीचर्स आम होंगे, जिससे हर यात्रा सुरक्षित बनेगी।
Disclaimer: यह एक समाचार रिपोर्ट है। जानकारी उपलब्ध डेटा और सरकारी घोषणाओं पर आधारित है।