क्रिप्टो क्या है? डिजिटल मुद्रा की पूरी दुनिया समझिए, भारत में 2026 के नए नियमों के साथ

**” क्रिप्टोकरेंसी एक विकेंद्रीकृत डिजिटल मुद्रा है जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है, जिसमें बिटकॉइन, इथेरियम जैसी प्रमुख मुद्राएं शामिल हैं। भारत में 30% टैक्स और 1% टीडीएस के साथ यह निवेश का विकल्प बना हुआ है, लेकिन 1 अप्रैल 2026 से रिपोर्टिंग न करने पर रोजाना 200 रुपये जुर्माना लगेगा। वर्तमान में बिटकॉइन करीब 70,000 डॉलर और इथेरियम 2,000 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। “**

क्रिप्टो क्या है? डिजिटल मुद्रा की पूरी दुनिया समझिए

क्रिप्टोकरेंसी या क्रिप्टो एक डिजिटल या वर्चुअल मुद्रा है जो क्रिप्टोग्राफी से सुरक्षित होती है। यह किसी केंद्रीय बैंक या सरकार द्वारा जारी नहीं की जाती, बल्कि विकेंद्रीकृत नेटवर्क पर चलती है। पहली और सबसे प्रसिद्ध क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin है, जिसे 2009 में सतोशी नाकामोटो नामक व्यक्ति या समूह ने बनाया।

क्रिप्टो की मुख्य विशेषता ब्लॉकचेन तकनीक है। ब्लॉकचेन एक वितरित डिजिटल लेजर है जिसमें सभी ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड किए जाते हैं। हर ट्रांजेक्शन को ब्लॉक में जोड़ा जाता है और ये ब्लॉक चेन की तरह जुड़े होते हैं। एक बार रिकॉर्ड होने के बाद इसे बदला नहीं जा सकता, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ती है।

क्रिप्टो कैसे काम करती है?

क्रिप्टो में कोई मध्यस्थ जैसे बैंक नहीं होता। लेन-देन सीधे यूजर से यूजर (P2P) होते हैं। माइनिंग या वैलिडेशन प्रक्रिया से नए कॉइन बनते हैं और ट्रांजेक्शन सत्यापित होते हैं। बिटकॉइन में प्रूफ-ऑफ-वर्क (PoW) इस्तेमाल होता है, जहां कंप्यूटर जटिल गणितीय पहेलियां सॉल्व करते हैं। इथेरियम अब प्रूफ-ऑफ-स्टेक (PoS) पर है, जो कम ऊर्जा खर्च करता है।

प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी और उनकी विशेषताएं

Bitcoin (BTC) : डिजिटल गोल्ड माना जाता है। कुल सप्लाई 21 मिलियन कॉइन सीमित। वर्तमान में कीमत करीब 70,000 अमेरिकी डॉलर के आसपास। 2026 में बाजार में भारी गिरावट देखी गई, जहां यह अपने पीक से आधी वैल्यू पर आया, लेकिन हाल में रिकवरी दिख रही है।

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Ethereum (ETH) : स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए जाना जाता है। डेफी, एनएफटी और वेब3 एप्लिकेशन इसी पर चलते हैं। वर्तमान कीमत लगभग 2,000-2,100 डॉलर के बीच।

अन्य: Solana , Ripple (XRP) , Cardano आदि, जो तेज ट्रांजेक्शन और कम फीस प्रदान करते हैं।

भारत में क्रिप्टो की स्थिति 2026 में

भारत दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो मार्केट में से एक है। FY25 में क्रिप्टो ट्रांजेक्शन वैल्यू 51,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रही, जो पिछले साल से 41% अधिक है। टीडीएस कलेक्शन 511 करोड़ रुपये पहुंचा। युवा निवेशक और रेमिटेंस के लिए इसका इस्तेमाल बढ़ा है।

हालांकि क्रिप्टो को लीगल टेंडर नहीं माना जाता। RBI ने कई बार जोखिमों की चेतावनी दी है। 2026 में सरकार ने सख्ती बढ़ाई है। बजट 2026 में 30% फ्लैट टैक्स और 1% टीडीएस बरकरार रखा गया। कोई लॉस सेट-ऑफ या कैरी-फॉरवर्ड की अनुमति नहीं।

नए नियम 1 अप्रैल 2026 से

क्रिप्टो एसेट्स की जानकारी आयकर रिटर्न में देना अनिवार्य। जानकारी छिपाने या गलत बताने पर धारा 509 के तहत रोजाना 200 रुपये जुर्माना। एक्सचेंज और वॉलेट प्रोवाइडर को सख्त रिपोर्टिंग करनी होगी। FIU के साथ रजिस्टर्ड एक्सचेंज जैसे CoinDCX, WazirX पर ट्रेडिंग सुरक्षित मानी जाती है।

क्रिप्टो में निवेश कैसे करें?

FIU-रजिस्टर्ड भारतीय एक्सचेंज चुनें।

KYC पूरा करें।

UPI या बैंक से रुपये डिपॉजिट करें।

क्रिप्टो खरीदें और डिजिटल वॉलेट में स्टोर करें।

हर ट्रांजेक्शन पर 1% टीडीएस कटता है। प्रॉफिट पर 30% टैक्स।

जोखिम और सावधानियां

क्रिप्टो बाजार अत्यधिक वोलेटाइल है। 2026 में बिटकॉइन 60,000 डॉलर तक गिरा, फिर रिकवर हुआ। स्कैम, हैकिंग और रेगुलेटरी बदलाव आम हैं। केवल उतना निवेश करें जितना खोने का जोखिम उठा सकें। प्राइवेसी कॉइन्स पर मनी लॉन्ड्रिंग चिंता के कारण कार्रवाई हो रही है।

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क्रिप्टो का भविष्य

वैश्विक स्तर पर क्रिप्टो अपनापन बढ़ रहा है। भारत में डिजिटल इंडिया और UPI की सफलता से क्रिप्टो इंटीग्रेशन संभव। लेकिन सरकार का फोकस कंप्लायंस और टैक्सेशन पर है। निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से सोचें।

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