“सॉफ्टबैंक की निवेश कंपनी SVF II OSTRICH (DE) LLC ने 3 सितंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक कुल 94,628,299 शेयर बेचे हैं, जिससे उसकी हिस्सेदारी 15.68% से घटकर 13.53% रह गई है। यह लगातार दूसरी बड़ी बिकवाली है, जो कंपनी के शेयर पर दबाव बढ़ा रही है और निवेशकों में अनिश्चितता पैदा कर रही है।”
Ola Electric में SoftBank ने बेच दिए 94628299 शेयर, निवेशकों की फिर बढ़ी टेंशन; सोमवार को लुढ़केगा शेयर!
Ola Electric Mobility Ltd के शेयरों पर दबाव बढ़ गया है, क्योंकि जापानी निवेशक SoftBank ने अपनी हिस्सेदारी में 2.15% की कटौती की है। कंपनी की निवेश इकाई SVF II OSTRICH (DE) LLC ने 3 सितंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक ओपन मार्केट में कुल 94,628,299 इक्विटी शेयर बेचे हैं।
यह बिकवाली SEBI के नियमों के तहत 2% थ्रेशोल्ड को पार करने पर ट्रिगर हुई, जब 5 जनवरी को अंतिम ट्रांजेक्शन में 84 लाख से अधिक शेयर डिस्पोज किए गए। इससे SoftBank की हिस्सेदारी पहले के 15.68% से घटकर 13.53% रह गई है।
यह SoftBank की लगातार दूसरी बड़ी हिस्सेदारी कटौती है। इससे पहले जुलाई-सितंबर 2025 के बीच कंपनी ने करीब 9.49 करोड़ शेयर बेचकर अपनी हिस्सेदारी 17.83% से घटाकर 15.68% की थी। इन सभी ट्रांजेक्शंस से निवेशकों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह बड़े संस्थागत निवेशकों की निरंतर बिकवाली का संकेत देता है।
Ola Electric के शेयर हाल के महीनों में भारी गिरावट झेल चुके हैं। 9 जनवरी 2026 को शेयर ₹39.50 पर बंद हुआ, जो पोस्ट-IPO हाई ₹157.40 से करीब 73% नीचे है। इस खबर के बाद शेयर में 2% से अधिक की गिरावट देखी गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार को ट्रेडिंग शुरू होने पर और दबाव आ सकता है, क्योंकि यह ओपन मार्केट बिकवाली का संदेश देता है।
कंपनी के फंडामेंटल्स पर भी सवाल उठ रहे हैं। दिसंबर 2025 में रजिस्ट्रेशन 9,020 यूनिट्स रहे, जिससे मार्केट शेयर नवंबर के 7.2% से बढ़कर 9.3% हो गया। दिसंबर के दूसरे हाफ में यह लगभग 12% तक पहुंचा। हालांकि, पूरे CY25 में बिक्री 51.1% घटकर 1,99,318 यूनिट्स रह गई, जबकि CY24 में 4,07,700 यूनिट्स बिकी थीं।
प्रमोटर Bhavish Aggarwal की हिस्सेदारी भी हाल में प्रभावित हुई है। दिसंबर 2025 में उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर करीब 9.62 करोड़ शेयर बेचे, ताकि प्रमोटर लेवल का ₹260 करोड़ का लोन चुकाया जा सके। इससे प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 36.78% से घटकर करीब 34.6% हो गई।
कंपनी का मार्केट कैप अब ₹17,400 करोड़ के आसपास है, जो IPO के समय से काफी कम है। प्रतिस्पर्धा तेज होने, सर्विस नेटवर्क की शिकायतों और रेगुलेटरी चुनौतियों के बीच यह बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।