शेयर बाजार से होने वाली कमाई पर टैक्स नियम काफी सख्त लेकिन स्पष्ट हैं। इक्विटी शेयरों और इक्विटी-ओरिएंटेड फंड्स पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) 20% की फ्लैट दर से टैक्स लगता है, जबकि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर 12.5% टैक्स लागू होता है, जिसमें 1.25 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। STT अलग से लगता है और F&O ट्रेडिंग में हालिया बढ़ोतरी से लागत बढ़ गई है।
शेयर मार्केट से होने वाली कमाई पर कितना देना होता है टैक्स, क्या है इसे लेकर नियम; यहां जानें सब
शेयर बाजार में निवेश से होने वाली आय मुख्य रूप से कैपिटल गेन के रूप में वर्गीकृत होती है। यह दो प्रकार की होती है – शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG)। टैक्सेशन इनकी होल्डिंग पीरियड पर निर्भर करता है।
इक्विटी शेयर और इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स के लिए होल्डिंग पीरियड
अगर शेयर या यूनिट 12 महीने से कम समय तक होल्ड किए जाते हैं, तो लाभ STCG माना जाता है।
12 महीने या उससे अधिक होल्ड करने पर LTCG लागू होता है।
STCG टैक्स नियम (शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन)
लिस्टेड इक्विटी शेयरों और इक्विटी-ओरिएंटेड फंड्स पर STCG पर 20% फ्लैट टैक्स लगता है (सेक्शन 111A के तहत)। यह दर बजट 2024 में 15% से बढ़ाकर 20% की गई थी और वर्तमान में यही लागू है। अन्य एसेट्स पर STCG आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार लगता है।
LTCG टैक्स नियम (लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन)
इक्विटी शेयरों और इक्विटी-ओरिएंटेड फंड्स से होने वाले LTCG पर 12.5% टैक्स लगता है (इंडेक्सेशन बेनिफिट के बिना)। महत्वपूर्ण बात यह है कि एक वित्त वर्ष में कुल LTCG पर 1.25 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। इससे अधिक लाभ पर ही 12.5% टैक्स देय होता है। यह छूट बजट 2024 में 1 लाख से बढ़ाकर 1.25 लाख की गई थी।
उदाहरण से समझें LTCG कैलकुलेशन
मान लीजिए आपने एक साल से अधिक समय पहले 2 लाख रुपये में शेयर खरीदे और अब 5 लाख में बेचे। लाभ = 3 लाख रुपये।
पहले 1.25 लाख तक छूट।
शेष 1.75 लाख पर 12.5% टैक्स = 21,875 रुपये।
कुल टैक्स = 21,875 रुपये (प्लस सेस और सरचार्ज यदि लागू हो)।
STT (सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स) के नियम
शेयर मार्केट ट्रेडिंग में STT अलग से कटता है और यह कैपिटल गेन टैक्स से अलग है। वर्तमान दरें इस प्रकार हैं:
इक्विटी डिलीवरी (खरीद और बिक्री दोनों पर): 0.1%
इंट्राडे ट्रेडिंग (बिक्री पर): 0.025%
इक्विटी फ्यूचर्स (बिक्री पर): 0.05% (हालिया बढ़ोतरी के बाद)
इक्विटी ऑप्शंस प्रीमियम (शॉर्ट साइड पर): 0.15%
ऑप्शंस एक्सरसाइज: इंट्रिंसिक वैल्यू पर 0.15%
F&O सेगमेंट में बजट 2026 से STT में बढ़ोतरी हुई है, जिससे ट्रेडिंग कॉस्ट बढ़ गई है, लेकिन डिलीवरी बेस्ड इक्विटी ट्रेडिंग पर कोई बदलाव नहीं हुआ।
F&O ट्रेडिंग से आय का टैक्सेशन
F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) से होने वाली आय बिजनेस इनकम मानी जाती है। यह कैपिटल गेन नहीं बल्कि स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम है। टैक्स आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार लगता है। यदि टर्नओवर अधिक है तो प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन (सेक्शन 44AD) का विकल्प चुन सकते हैं। लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं।
कैपिटल लॉस के नियम
STCL को LTCG या STCG दोनों से एडजस्ट कर सकते हैं।
LTCL केवल LTCG से एडजस्ट होता है।
अनएडजस्टेड लॉस को 8 वर्ष तक कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं।
टैक्स बचत के प्रमुख तरीके
1.25 लाख तक LTCG टैक्स फ्री रखें।
सेक्शन 54F के तहत LTCG को रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी में निवेश कर छूट ले सकते हैं (कुछ शर्तों के साथ)।
टैक्स रेजीम चुनते समय न्यू रेजीम में LTCG/STCG पर सेक्शन 87A रिबेट नहीं मिलता, इसलिए ओल्ड रेजीम बेहतर हो सकता है यदि अन्य डिडक्शन हैं।
अन्य महत्वपूर्ण बातें
TDS: ब्रोकर कैपिटल गेन पर TDS नहीं काटते, लेकिन ITR में रिपोर्ट करना जरूरी।
रिपोर्टिंग: ITR-2 या ITR-3 में कैपिटल गेन शेड्यूल भरें।
सेस और सरचार्ज: टैक्स पर 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस लगता है, उच्च आय पर सरचार्ज अतिरिक्त।
शेयर बाजार निवेशकों को इन नियमों का पालन करते हुए टैक्स प्लानिंग करनी चाहिए ताकि अनावश्यक पेनल्टी से बचा जा सके।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। टैक्स नियम व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं। पेशेवर सलाह लें।