“शेयर बाजार में आज भारी बिकवाली देखी गई, सेंसेक्स 1,048 अंक टूटकर 80,238.85 पर बंद हुआ जो छह महीने का निचला स्तर है। निफ्टी 50 भी 313 अंक गिरकर 24,865.70 पर पहुंचा। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल-ईरान तनाव और क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल से निवेशक सेंटिमेंट प्रभावित हुआ, जबकि डिफेंस सेक्टर के शेयरों ने बाजार की इस गिरावट में मजबूती दिखाई।”
शेयर बाजार लाइव अपडेट
आज भारतीय शेयर बाजार में तीन सत्रों की लगातार गिरावट जारी रही, जिसमें प्रमुख सूचकांक गहराई से नीचे आए। बीएसई सेंसेक्स इंट्राडे में 78,543.73 के निचले स्तर तक फिसला और अंत में 1,048.34 अंक या 1.29% की गिरावट के साथ 80,238.85 पर बंद हुआ। यह स्तर सितंबर 2025 के बाद का सबसे निचला है। एनएसई निफ्टी 50 भी इंट्राडे में 24,603.50 तक गिरा और अंत में 312.95 अंक या 1.24% नीचे 24,865.70 पर सेटल हुआ।
इस गिरावट का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है, जहां अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर हमलों के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया। क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 9-10% का उछाल आया, जिससे वैश्विक बाजारों में रिस्क-ऑफ मूड हावी रहा। भारत में विदेशी निवेशकों की निकासी बढ़ी और अधिकांश सेक्टर्स में बिकवाली देखी गई। निवेशकों की कुल संपत्ति में इंट्राडे में 7-9 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।
सेक्टोरल प्रदर्शन में ऑटो, एविएशन, ऑयल एंड गैस, पेंट्स, टायर्स और केमिकल्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। इंडिगो के शेयर 4.3% तक गिरे, जबकि लार्सन एंड टुब्रो 5.24%, अदानी पोर्ट्स 3.43%, मारुति सुजुकी 3.29%, रिलायंस इंडस्ट्रीज 2.43% और एशियन पेंट्स जैसे स्टॉक्स में 1.6-3.6% की गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग और आईटी सेक्टर भी दबाव में रहे।
इस बीच डिफेंस स्टॉक्स ने बाजार की इस कमजोरी के बीच मजबूत प्रदर्शन किया। भू-राजनीतिक अनिश्चितता से डिफेंस तैयारियों पर फोकस बढ़ने से इन शेयरों में तेजी बनी रही।
प्रमुख डिफेंस स्टॉक्स का प्रदर्शन
पैरास डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज : 13.5% तक उछाल, ₹722 तक पहुंचा।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) : 0.95-3.8% की बढ़त।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) : 1.2-3.1% ऊपर, मजबूत खरीदारी।
भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) : 0.60-3.5% की तेजी।
सोलर इंडस्ट्रीज : 4% से अधिक लाभ।
अन्य जैसे डेटा पैटर्न्स, डायनामेटिक टेक्नोलॉजीज और आईडियाफोर्ज में भी सकारात्मक मूवमेंट।
निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स ने ब्रॉडर मार्केट से बेहतर प्रदर्शन किया और कुछ समय के लिए 2-6% तक ऊपर ट्रेड किया। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान-इजराइल संघर्ष लंबा खिंचने पर डिफेंस एक्सपोर्ट ऑर्डर्स और सरकारी खर्च बढ़ सकता है, जिससे भारतीय डिफेंस कंपनियों को फायदा होगा। हालांकि, कुछ कंपनियों के लिए इजराइल से सप्लाई चेन रिस्क भी मौजूद है।
बाजार के प्रमुख आंकड़े
निवेशकों के लिए सलाह
| सूचकांक | बंद भाव | बदलाव (अंक) | बदलाव (%) | इंट्राडे लो | इंट्राडे हाई |
|---|---|---|---|---|---|
| बीएसई सेंसेक्स | 80,238.85 | -1,048.34 | -1.29% | 78,543.73 | 80,632.55 |
| एनएसई निफ्टी 50 | 24,865.70 | -312.95 | -1.24% | 24,603.50 | 25,178.65 |
| निफ्टी बैंक | 59,839.65 | -689.35 | -1.14% | – | – |
वर्तमान में बाजार में उच्च अस्थिरता है, इंडिया VIX में 25% तक उछाल आया। निवेशकों को रिस्क मैनेजमेंट पर फोकस करना चाहिए, पोजीशन साइज छोटी रखें और डिफेंस जैसे रिलेटिवली मजबूत सेक्टर्स पर नजर रखें। क्रूड ऑयल की कीमतें और मिडिल ईस्ट की खबरें आगे के ट्रेंड तय करेंगी।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट बाजार के रीयल-टाइम ट्रेंड्स और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।