“आज के कारोबार में गोल्ड और सिल्वर में मिश्रित रुझान देखने को मिला, जबकि कॉपर में मजबूत तेजी आई और एल्युमीनियम भी बढ़त के साथ बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर सप्लाई टाइटनेस, AI डेटा सेंटर्स और इलेक्ट्रिफिकेशन से बढ़ती मांग ने कॉपर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। MCX पर कॉपर करीब 1% चढ़कर 1213-1215 रुपये प्रति किलो के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि LME पर यह 6 डॉलर प्रति पाउंड के करीब है। यह रुझान भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए पॉजिटिव संकेत दे रहा है।”
आज के कॉमोडिटी बाजार में प्रेसियस मेटल्स गोल्ड और सिल्वर में हल्की गिरावट या स्थिरता देखी गई, लेकिन बेस मेटल्स में खासकर कॉपर ने मजबूत प्रदर्शन किया। MCX पर कॉपर फ्यूचर्स (फरवरी एक्सपायरी) में 0.9-1.2% की बढ़त दर्ज हुई, जो 1213.60 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया। पिछले सत्र से 11-14 रुपये की तेजी के साथ यह कारोबार कर रहा है, जबकि ओपन इंटरेस्ट में मामूली कमी आई है।
वैश्विक बाजार में LME कॉपर 3-मंथ कॉन्ट्रैक्ट 13,343-13,439 डॉलर प्रति टन के आसपास ट्रेड कर रहा है, जहां हाल के दिनों में 0.3-1.7% की बढ़त देखी गई। COMEX पर भी कॉपर 6.00-6.09 डॉलर प्रति पाउंड के स्तर पर मजबूत है, जो पिछले महीने से 1.3% और सालाना आधार पर 32% से अधिक की बढ़त दर्शाता है।
इस उछाल के पीछे मुख्य वजह सप्लाई कंस्ट्रेंट्स और डिमांड का मजबूत मिश्रण है। AI डेटा सेंटर्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे विंड टरबाइन्स और सोलर पैनल्स में कॉपर की भारी खपत हो रही है। चीन और भारत जैसे उभरते बाजारों में urbanization और इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोजेक्ट्स ने डिमांड को और बढ़ावा दिया है। माइनिंग सेक्टर में लो ओर ग्रेड्स, डिसरप्शंस और रिफाइंड मेटल की टाइट उपलब्धता ने सप्लाई साइड को दबाव में रखा है।
एल्युमीनियम में भी पॉजिटिव मोमेंटम दिखा। MCX पर एल्युमीनियम 313-314 रुपये प्रति किलो के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि LME पर 3-मंथ कॉन्ट्रैक्ट 3,140-3,146 डॉलर प्रति टन पर है। हाल के सत्रों में 0.5% के आसपास की बढ़त आई है। एल्युमीनियम की मांग भी EV बैटरी केसिंग, पावर ट्रांसमिशन और कंस्ट्रक्शन सेक्टर से मजबूत है। हालांकि, यह कॉपर जितनी तेजी नहीं दिखा पाया, लेकिन ओवरऑल बेस मेटल्स में रैली का हिस्सा बना हुआ है।
दूसरी ओर, गोल्ड और सिल्वर में आज मिश्रित ट्रेडिंग देखी गई। MCX गोल्ड 1,62,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है, जबकि सिल्वर में हाल के दिनों में तेजी के बाद कुछ प्रॉफिट बुकिंग हुई। वैश्विक स्तर पर COMEX गोल्ड 5,200-5,296 डॉलर प्रति औंस और सिल्वर 93 डॉलर प्रति औंस के करीब है। सिल्वर में हाल ही में 6-7% की तेजी आई थी, लेकिन अब स्थिरता है।
बाजार के संकेत क्या कह रहे हैं?
कॉपर का मजबूत रुझान इंडस्ट्रीयल रिकवरी और ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन का मजबूत इंडिकेटर है। भारत में जहां इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ रही है, वहां कॉपर की डिमांड लंबे समय तक बनी रह सकती है।
एल्युमीनियम की बढ़त पावर और ऑटो सेक्टर से जुड़ी है, जो EV और रिन्यूएबल एनर्जी के साथ जुड़ती है।
प्रेसियस मेटल्स में स्थिरता गोल्ड-सिल्वर अब सेफ-हेवन की बजाय इंडस्ट्रियल यूज (सिल्वर) पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं, लेकिन जियोपॉलिटिकल रिस्क्स और इंटरेस्ट रेट्स पर नजर रखनी होगी।
ट्रेडर्स के लिए सलाह: कॉपर और एल्युमीनियम में लॉन्ग पोजीशंस मजबूत दिख रही हैं, लेकिन वोलेटिलिटी ज्यादा है। सप्लाई चेन अपडेट्स, चीन की डिमांड और ग्लोबल इकोनॉमिक सिग्नल्स पर नजर रखें।